कीटो डाइट या कीटोजेनिक डाइट एक लो-कार्बोहाइड्रेट और हाई-फैट डाइट है जो सेहद को कई तरह से फायदा पहुंचाती है।

कई अध्ययनों से पता चला है कि इस प्रकार का आहार आपका वजन कम करने के साथ-साथ आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

कीटो डाइट मधुमेह, कैंसर, मिर्गी और भूलने की बीमारी जैसी बीमारियों के लिए भी कारगर साबित हुई है।

यहाँ एक विस्तृत शुरुआती बिबरणी आपको कीटो डाइट बारे में जानने और अनुसरण करने में मदद कर सकती है।

केटो डाइट क्या है ?

कीटो डाइट एक कम कार्बोहायड्रेट और हाई-फैट वाला आहार है।

यह आपकी खाने में कार्बोहायड्रेट को बहत मात्रा से घटा और फैट की मात्रा को बढ़ा देती है | यह कार्बोहाइड्रेट को कम करने की प्रक्रिया आपकी सरीर को कीटोसिस नामक एक मेटाबोलिक अवस्था में ढाल देती है।

जब ये होता है तो आपकी सरीर अविश्वसनीय रूप से फैट को जलाके आपको ऊर्जा देने में कुसल हो जाती है | यह फैट को आपकी यकृत में कैटोन्स के रूप मे रूपान्तरित कर देता है जो आपके दिमाग को ऊर्जा देने में मदद करता है।

कीटो डाइट आपके रक्त शर्करा और इंसुलिन के स्थर को काफी घटा देता है | इसके साथ कीटोन को बड़ा देने से आपके सेहत को बहत लाभ पहुंचता है।

Keto diet kya he

किटोसिस क्या है ?

कीटोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपका शरीर कार्बोहाइड्रेट के जगह शरीर में वसा का उपयोग करता है।

ऐसा तब होता है जब आप अपने द्वारा लिए जाने वाले कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को घटा देते हैं। यह आपके शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को सीमित कर देता है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करने का मुख्य कारक है।

इसलिए आपका शरीर कार्बोहाइड्रेट की जगह शरीर की चर्बी को जलाने लगता है, जिससे इस डाइट को अनुसरण करने से वजन कम करने में मदद मिलती है।

कीटो डाइट का अनुसरण करने का मतलब है शरीर को कीटोसिस की ओर धकेलना। जिसमें आपको एक दिन में 20 से 50 ग्राम कार्बोहाइड्रेट लेना होता है और उच्च वसा वाले भोजन जैसे मांस, मछली, अंडे आदि का सेवन करना होता है।

यह बी बहत जरुरी हे आप माध्यमिक रूप से प्रोटीन का सेवन भी करें | क्योंकि यदि आप अधिक प्रोटीन लेते हैं, तो प्रोटीन ग्लूकोज में परिवर्तित हो जाएगा और शरीर में कीटोसिस की प्रक्रिया धीमी हो जाएगी।

इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermitent Fasting) से भी आपका शरीर तेजी से कीटोसिस की स्थिति में पहुंच जाता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग कई तरह की होती है, लेकिन सबसे लोकप्रिय यह है कि आप इसे दिन में 8 घंटे के अंदर खा सकते हैं और बाकी के 16 घंटे आपको उपबास करनी होती है।

अगर आप जानना चाहते हे की आपकी सरीर केटोसिस में प्रबेश हो चूका हे या नहीं तो इसके लिए श्वास , रक्क्त, मूत्र या यूरिन परीक्षण किआ जा सकता है |

प्यास का बढ़ना, मुंह सूखना, बार-बार पेशाब आना और या भूख न लगना इस बात के संकेत हैं कि आपका शरीर कीटोसिस तक पहुंच गया है।

मधुमेह और पूर्व मधुमेह के लिए कीटो डाइट

यह चयापचय या मेटाबॉलिसिम , उच्च रक्त शर्करा, और बिगड़ा हुआ इंसुलिन अदि में परिबर्तन लाकर सरीर में असंतुलन पैदा कर देती है।

किटो डाइट आपको अतिरिक्त अच्छे फैट खाने में मदद करता है, जो टाइप-2 मधुमेह , पूर्व मधुमेह और मेटाबोलिक सिंड्रोम से से जुड़ा हुआ है।

इस डाइट के अनुसरण करने से इंसुलिन संवेदनशीलता में 75% तक की वृद्धि हो सकती है |

एक छोटे से अध्ययन में यह भी पता चला की टाइप-2 मधुमेह वाली महिलाओं को 90 दिनों के लिए केटो डाइट पालन करने के लिए कहा गया | इस डाइट का पालन करने से हीमोग्लोबिन A1C का स्तर काफी कम हो जाता है, जो कि दीर्घकालिक रक्त शर्करा का एक मापक है।

अन्य एक अध्ययन में यह पाया गया कि टाइप-2 मधुमेह वाले 349 लोगों जो किटो डाइट का पालन करते थे, उन लोगों ने 2 साल की अवधि में औसतन 11.9 KG वजन घटाया ।

कीटो के अन्य स्वास्थ्य लाभ

केटोजेनिक आहार वास्तव में मिर्गी जैसे तंत्रिका संबंधी रोगों के इलाज के लिए उत्पन्न हुआ था।

इस डाइट से विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों लाभ हो सकते हैं:

  • मिर्गी : मिर्गी से पीड़ित बच्चों में अचानक पड़ने वाली दौरे में किटो डाइट महत्वपूर्ण कमी ला सकता है।
  • भूलने की बीमारी : कीटो डाइट अल्जाइमर यानि भूलने की बीमारी के लक्षणों को कम करने और इसकी प्रगति को धीमा करने में मदद कर सकता है।
  • दिल की बीमारी : कीटो डाइट सरीर में चर्बी , अच्छे एचडीएल , कोलेस्ट्रॉल के स्तर, रक्तचाप और रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है।
  • कर्क रोग : इस डाइट को अब कर्क रोग के उपचार के रूप में अध्ययन किया जा रहा है क्यों की यह ट्यूमर के विकास को धीमा करने में मदद कर सकता है।
  • मस्तिष्क की चोटें : कीटो डाइट दर्दनाक मस्तिष्क की चोटों के परिणामों में बहत हद तक सुधार कर सकता है|
  • पार्किंसंस रोग : पार्किंसंस रोग के लक्षणों में सुधार लाने में किटो काम आ सकती है ,हालाकि इसके ऊपर अध्यन अभी चालू है।

क्या कीटो वजन कम करने में आपकी मदद कर सकता है ?

एक शोध से पता चला है कि किटो डाइट वजन घटाने के लिए कम वसा वाले आहार के रूप में काम करता है।

इस डाइट से वजन कम होने के साथ साथ बिमारियों का जोखिम भी कम हो जाती है।

यह डाइट से आपकी पेट भरा हुआ रहता है, इसीलिए वजन कम करने के लिए कैलोरी गिनना या अपने भोजन सेवन को नजर रखने की कोई जरूरत नहीं है।

लंबे समय तक वजन घटाने के लिए कम वसा वाले आहार की तुलना में केटो थोड़ा अधिक प्रभावी है |

एक अध्ययन से पता चल है कीटो डाइट का पालन करने वाले लोगों औसतन 900 Gram अधिक वजन घटाया उन लोगोंके मुकाबले जो कम वसा वाले आहार (Low Fat Diet) का पालन करते थे |

कीटो डाइट कितने प्रकार के होते हैं ?

  • स्टैण्डर्ड कीटो डाइट (Standard Keto Diet) : इसमें बहत काम मात्रके कार्बोहायड्रेट , मध्यम मात्रा में प्रोटीन और ज्यादा मात्रा में फैट होते हैं | इसमें 10% कार्बोहायड्रेट , 20% प्रोटीन और 70% फैट होते हैं |
  • सिक्लिकल कीटो डाइट (Cyclical Keto Diet) : इस डाइट में कार्बोहायड्रेट खाने का एक तरीका होती है | हप्ते में आप करीब 5 दिन कीटो डाइट को अनुसरण करेंगे यानि कम कार्बोहायड्रेट खाएंगे और 2 दिन उच्च कार्बोहायड्रेट युक्त खाद्य खाएंगे |
  • टार्गेटेड कीटो डाइट (Targeted Keto Diet) : इसमें आपको आपके व्यायाम हिसाब से कार्बोहायड्रेट लेने होते हैं। |
  • हाई प्रोटीन कीटो डाइट (High Protin Keto Diet) : यह स्टैण्डर्ड कीटो डाइट की तरह ही है लेकिन इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है और कार्बोहायड्रेट की मात्रा और भी कम कर दी जाती है | इसमें 5% कार्बोहायड्रेट , 35% प्रोटीन और 60 % फैट होते हैं |

इसमें से स्टैण्डर्ड कीटो डाइट और हाई प्रोटीन कीटो डाइट ज्यादातर आम लोग ब्यबहार करते हैं | सिक्लिकल कीटो डाइट और टार्गेटेड कीटो डाइट बहत उन्नत तरीके का डाइट है और मुख्य रूप से बॉडीबिल्डर या एथलीटस ही उपयोग करते है।।

इस आर्टिकल में हम स्टैण्डर्ड कीटो डाइट के बारे में बिस्तृत रूप से बर्नना करेंगे , यह बाकि सभी प्रकार के कीटो डाइट के लिए भी थोड़ा बहत उपयोग किआ जा सकता है |

डाइट में क्या नहीं खाना चाहिए ?

उच्च कार्बोहायड्रेट वाले खाद्य से दूर रहन चाहिए |

यहां उन खाद्य पदार्थों की सूची दी गई है जिन्हें केटो डाइट में नहीं खानी चहिए :

  • फल: स्ट्रॉबेरी और जामुन जैसे फलों को अलावा सभी फलों को बर्जन करना चाहिए |
  • बीन्स या फलियां : मटर, राजमा, दाल, छोले, आदि।
  • मीठा भोजन: सोडा, फलों का रस, केक, आइसक्रीम, कैंडी, आदि।
  • अनाज या स्टार्च: गेहूं आधारित उत्पाद, चावल, पास्ता, अनाज, आदि।
  • जड़ वाली सब्जियां और कंद: आलू, शकरकंद, गाजर, आदि।
  • शराब: बियर, वाइन, वोडका, आदि।

डाइट में क्या खाना चाहिए ?

आपका अधिकांश भोजन जितना हो सके उतनी इन सब खाद्य पदार्थों पर आधारित होना चाहिए:

  • अंडे: कीटो डाइट में अंडा बहत जरुरी खाद्य में से एक है |
  • कम कार्ब वाली सब्जियां: हरी सब्जियां, टमाटर, प्याज, मिर्च, आदि।
  • मांस: लाल मांस, चिकन, और मटन |
  • नट और बीज: अलसी, कद्दू के बीज, चिया बीज, बादाम, अखरोट,आदि।
  • स्वस्थ तेल: जैतून का तेल (Olive Oil), नारियल का तेल, आदि।
  • पनीर : पनीर को इस डाइट में खाया जा है ।
  • मसालों: नमक, काली मिर्च, जड़ी बूटी, और मसाले।

सेहदमंद कीटो नास्ते

यदि आपको मुख्य भोजन के बीच में भूख लगती है, तो यहां कुछ स्वस्थ, कीटो नास्ते हैं जो आपकी अल्पकालिक भूख को मिटा सकते हैं :

  • फैटयुक्त मांस या मछली
  • मुट्ठी भर दाने और बीज
  • जैतून
  • एक या दो उबले अंडे
  • कीटो स्नैक बार
  • 90% डार्क चॉकलेट
  • शिमला मिर्च
  • स्ट्रॉबेरी और सादा पनीर

कीटो टिप्स और ट्रिक्स

किटो डाइट का शुरुआत करने में कठिनाई आ सकती है | इसीलिए ऐसे कई सुझाव और तरकीबें हैं जिनका उपयोग आप अपने सुरवात को आसान बनाने के लिए कर सकते हैं।

पहले कीटो डाइट के बारे में जान लीजिए और वसा, कार्ब्स और फाइबर के ग्राम की जाँच करें | सबसे पहले आपको यह पता करना होगा की आपकी पसंदीदा खाद्य पदार्थ आपके डाइट में कैसे फिट हो सकते हैं ।

अपने भोजन की पहले से योजना तैयार रखें , इससे आप पूरे हप्ते में अपने अतिरिक्त समय बचा सकते है।

अपने खुदकी कीटो व्यंजनों या रेसिपी बनाये। इससे आप आसानी से किताबें , Website या फिर Applications के मदद से बना सकते है |

अगर आप खुद नहीं बना सकते आप बहार से भी मंगा सकते है लेकिन ध्यान रखे की मांगने वाली खाद्य कीटो अनुकूल हो |

आप अपना खुद का भोजन हमेसा साथ रखे , जिससे आपको कुछ अस्वास्थकर खाना न पड़े और इससे आप अपनी भोजन योजना पर आसानि से टिके रहे सकते है ।

कीटो डाइट को लेने से क्या जोखिम आ सकता है |

जैसे की हर चीज़ में अच्छे और बुरे गुण होते है, वैसे ही कीटो में भी कुछ बुरे प्रभाब है |

  • यकृत में अतिरिक्त चर्बी
  • सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी
  • रक्त में कम प्रोटीन
  • पथरी

टाइप 2 मधुमेह के लिए Sodium-Glucose Cotransporter 2 (SGLT2) अवरोधक नामक एक प्रकार की दवा Diabetic Ketoacidosis के जोखिम को बढ़ा सकती है |यह एक खतरनाक स्थिति जो रक्त में अम्लता को बढ़ा देती है। इस दवा को लेने वाले किसी भी व्यक्ति को कीटो डाइट से दूर रहना चाहिए।

अपने डॉक्टर को अपने खाने की योजना के बारे में सूचित करना सही रहेगा ।

कीटो डाइट केलिए पूरक या सस्प्प्लिमेंट्स

  • Whey Protein : अपने दैनिक प्रोटीन सेवन को बढ़ाने लिए दो चमच्च Whey Protein को दूध या गुनगुना पानी में डालके पिए |
  • Caffeine: कैफीन के उत्पाद ऊर्जा, फैट लॉस के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।
  • Creatine : क्रेअटीने स्वास्थ्य और शारीरिक प्रदर्शन को बढ़ता है। यह ज्यादा फायदेमंद तब हो सकता है यदि आप व्यायाम के साथ केटो डाइट का सेबन कर रहे हैं ।
  • MCT Oil : एमसीटी आयल ऊर्जा प्रदान करता और कीटोन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। यहाँ आम तौर पर दही में पायी जाती है |
  • Exogenous ketones :यह सप्लीमेंट्स शरीर के कीटोन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है ।
  • Minerals : नमक और अन्य मिनरल्स वाले सप्लीमेंट्स इस डाइट के लिए महत्वपूर्ण हैं।

कीटो के दुष्प्रभाव और उन्हें कम करने के तरीके

कीटो डाइट आमतौर पर सुरक्षित होता है, लेकिन कुछ लोगों के लिए प्रारंभिक दुष्प्रभाव पड सकते हैं। इससे कीटो फ्लू भी कहा जाता है |

यह आमतौर पर कुछ दिनों के भीतर खत्म हो जाता है ।

कीटो फ्लू के मुख्य लक्षणों में दस्त, कब्ज और उल्टी शामिल हैं, इसके अलावा भी छोटी बड़ी लक्षण शामिल हैं:

  • बढ़ी हुई भूख
  • जी मिचलाना
  • नींद की समस्या
  • पाचन संबंधी परेशानी
  • खराब ऊर्जा और मानसिक कार्य

इसे छुटकारा पाने के के लिए, आप पहले कुछ हफ्तों के लिए नियमित कम कार्बोहायड्रेट आहार का सेबन करें । यह आपके शरीर को पूरी तरह से कार्बोहायड्रेट को खत्म करने से पहले अधिक चर्बी जलाने के लिए प्रेरित सकता है।

कम से कम शुरुआत में, जब तक आपका पेट नहीं भरता तब तक खाना महत्वपूर्ण है और कैलोरी मात्रा को बहत कम करना भी सही नहीं है ।

कीटो डाइट आपके शरीर के पानी और खनिज संतुलन को भी बदल सकता है, इसलिए अपने भोजन में अतिरिक्त नमक जोड़ने या खनिज पूरक लेने से मदद मिल सकती है। अपनी पोषण संबंधी जरूरतों के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।

सारांश

एक कीटो डाइट उन लोगों के लिए बहुत अच्छा हो सकता है जो:

  • अधिक वजन वाले हैं
  • मधुमेह से पीड़ित है
  • अपने मेटाबोलिज्म में सुधार करना चाहते हैं

यह एथलीटों या बड़ी मात्रा में मांसपेशियों या वजन को बढ़ाने के इच्छुक लोगों के लिए उतना असरदार नहीं है ।

यह कुछ लोगों की जीवन शैली के लिए सही नहीं है । अपने खाने की योजना और लक्ष्यों के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें ताकि यह तय किया जा सके कि कीटो खाने की योजना आपके लिए सही है या नहीं ।

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